
प्रवेश नियम एवं प्रक्रिया
अर्हता, मेरिट, आवश्यक दस्तावेज़ तथा अनुशासन संबंधी नियम।
प्रवेश सम्बन्धी नियम
महाविद्यालय की किसी भी कक्षा में प्रवेश निम्नलिखित नियमों के अंतर्गत किया जायेगा—
विश्वविद्यालय द्वारा घोषित तिथि के पश्चात् किसी भी संकाय में प्रवेश नहीं होगा।
योग्यता प्रदायी परीक्षा में कम से कम 35 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है।
महाविद्यालय में उन्हीं छात्र/छात्राओं का प्रवेश सम्भव है जो 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने की स्थिति में हों। 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति पर छात्र/छात्राएँ विश्वविद्यालय के नियमानुसार परीक्षा से वंचित हो जायेंगे।
नव-प्रवेशी छात्र/छात्राओं को प्रवेश के समय ही अपनी पूर्व शिक्षण संस्था से स्थानान्तरण प्रमाण-पत्र (टी.सी.) अथवा प्रवजन प्रमाण-पत्र (माइग्रेशन) जमा करना अनिवार्य है।
अनुचित साधन प्रयोग के आरोप में दण्डित अभ्यर्थियों का प्रवेश नहीं किया जायेगा। ऐसे आरोपी का प्रवेश तब तक नहीं होगा जब तक विश्वविद्यालय द्वारा दोषमुक्त कर उस निर्णय से महाविद्यालय को अवगत न करा दिया जाय।
किसी भी गलत प्रमाण-पत्र अथवा तथ्यों को छुपाकर लिया गया प्रवेश किसी भी समय निरस्त कर दिया जायेगा।
प्रवेश सम्बन्धी अन्य सूचनाएँ सूचना-पट्ट पर दी जायेंगी; सूचना-पट्ट के अतिरिक्त किसी अन्य माध्यम से सूचना नहीं दी जायेगी। प्रवेशार्थी विशेष जानकारी हेतु कार्यालय से सम्पर्क कर सकते हैं।
स्नातक एवं परास्नातक कक्षा में प्रवेश हेतु 2 वर्ष का अंतराल ही मान्य होगा।
प्रत्येक छात्र/छात्रा को विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित तिथि के भीतर ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरकर उसकी महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय प्रति कार्यालय में जमा करनी होगी। फॉर्म में विषय एवं प्रश्न-पत्र सही लिखने का उत्तरदायित्व छात्र/छात्रा का है; किसी अशुद्धि के कारण परीक्षा से वंचित होने पर उत्तरदायित्व भी उसी का होगा। अपूर्ण अथवा निर्धारित तिथि के बाद जमा किए गए आवेदन-पत्र किसी भी अवस्था में अग्रसारित नहीं किए जायेंगे।
ऑनलाइन परीक्षा आवेदन-पत्र का सत्यापन महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा किया जाता है; इसे किसी अन्य अधिकारी से सत्यापित एवं अग्रसारित कदापि न करवायें।
स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के लिए निर्गत शासनादेशों के अनुसार पूरे वर्ष का शुल्क दो किश्तों में देय होगा।
पहली किश्त में छः माह का शुल्क, परीक्षा शुल्क एवं नामांकन शुल्क प्रवेश के समय देय होगा। दूसरी किश्त जनवरी माह में देय होगी।
शासन अथवा विश्वविद्यालय द्वारा शुल्क वृद्धि किये जाने पर बढ़े हुए शुल्क का भुगतान द्वितीय किश्त के साथ करना अनिवार्य होगा।
निर्धारित समय-सीमा के भीतर शुल्क जमा न करने वाले छात्र/छात्राओं का नाम फरवरी माह में सूचना-पट्ट पर प्रकाशित कर दिया जायेगा तथा उनका नाम महाविद्यालय से निरस्त कर दिया जायेगा।
महाविद्यालय-शुल्क एवं विश्वविद्यालय परीक्षा शुल्क का भुगतान करने के बाद ही परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति एवं अग्रसारण होगा। वार्षिक/प्रायोगिक परीक्षाओं में केवल वे ही सम्मिलित हो सकेंगे जिन्होंने पूरा शुल्क जमा कर अदेय प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लिया हो।
स्नातकोत्तर कक्षाओं के छात्र/छात्राओं से प्रत्येक वर्ष सत्रारम्भ में ही एक सत्र का शुल्क लिया जाता है।
बी.एड. तथा डी.एल.एड. कक्षा का प्रवेश शुल्क उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिया जाता है।
शुल्क रसीद की मूल प्रति खो जाने पर द्वितीय प्रतिलिपि हेतु दस रुपये अलग से देने होंगे। प्रवेश के बाद सत्रान्त से पूर्व महाविद्यालय छोड़ने पर शुल्क वापस नहीं किया जायेगा।


