
राष्ट्रीय कैडेट कोर
एन.सी.सी. का उद्देश्य तथा उसकी स्थापना का संक्षिप्त इतिहास।
एन.सी.सी. (नेशनल कैडेट कोर) विश्व का सबसे बड़ा वर्दीधारी छात्र संगठन है। सन् 1917 में ब्रिटिश सरकार ने सेना में जवानों की कमी पूरी करने के लिए यूनिवर्सिटी कोर का गठन किया; सन् 1920 में इंडियन टेरिटोरियल एक्ट पारित होने पर उसे यूनिवर्सिटी ट्रेनिंग कोर कर दिया गया, और 1942 में यूनिवर्सिटी ऑफिसर्स ट्रेनिंग कोर।
द्वितीय विश्वयुद्ध के समय यह संगठन अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा, जिससे यह विचार बना कि युवाओं को शान्तिकाल में भी बेहतर प्रशिक्षण मिलना चाहिए। पण्डित हृदयनाथ कुंजरू की अध्यक्षता में गठित समिति ने राष्ट्रीय स्तर पर विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में प्रशिक्षण देने वाले संगठन की स्थापना का सुझाव दिया। यह प्रस्ताव 15 जुलाई 1948 को गवर्नर जनरल द्वारा स्वीकार किया गया और राष्ट्रीय कैडेट कोर की स्थापना हुई।
सन् 1949 में विद्यालयों एवं महाविद्यालयों की छात्राओं को समान अवसर देने के उद्देश्य से गर्ल्स डिवीजन की स्थापना हुई। इसी क्रम में 1950 में एयर विंग तथा 1952 में नेवल विंग एन.सी.सी. में सम्मिलित किए गए। 1962 के युद्ध के पश्चात् एन.सी.सी. प्रशिक्षण सभी के लिए अनिवार्य कर दिया गया, किन्तु 1968 में इसे पुनः स्वैच्छिक बना दिया गया।


