
अनुशासनिक निर्देश एवं नियम
परिचय-पत्र, परिधान, उपस्थिति तथा परिसर सम्बन्धी नियम।
एक विद्यार्थी के रूप में आप महाविद्यालय परिवार के एक सदस्य हैं और आपसे आशा एवं अपेक्षा की जाती है कि आप अपने क्रिया-कलापों एवं आचरण के प्रति सजग रहकर महाविद्यालय के गौरव की अभिवृद्धि करेंगे। इसके निमित्त प्रत्येक छात्र/छात्रा को निम्नलिखित निर्देशों का अनुपालन करना अनिवार्य है—
प्रत्येक छात्र/छात्रा को एक परिचय-पत्र प्राप्त होगा, जिसे सदैव अपने पास रखना आवश्यक है तथा महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकगण, अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा माँगने पर तत्काल प्रस्तुत करना अनिवार्य है। यह परिचय-पत्र पुस्तकालय-पत्र का भी कार्य करेगा तथा प्राचार्य द्वारा प्रमाणित होगा।
परिचय-पत्र का नवीनीकरण प्रत्येक वर्ष होगा।
किसी दूसरे का परिचय-पत्र पा जाने अथवा अपना परिचय-पत्र गायब हो जाने की सूचना छात्र/छात्रा को महाविद्यालय के प्राचार्य को अवश्य देनी होगी।
जिस छात्र/छात्रा का मूल परिचय-पत्र गायब हो जायेगा, उसे महाविद्यालय कार्यालय में रु० बीस (20/-) शुल्क जमा करके परिचय-पत्र की द्वितीय प्रति प्राप्त करनी होगी।
किसी भी छात्र/छात्रा द्वारा किसी अन्य छात्र/छात्रा के परिचय-पत्र का प्रयोग करना अक्षम्य अपराध माना जायेगा।
शिक्षण अवधि में बिना प्राचार्य अथवा मुख्य नियन्ता की अनुमति के महाविद्यालय परिसर से बाहर जाना अनुशासनहीनता मानी जायेगी तथा ऐसे छात्र/छात्राओं के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।
प्रत्येक छात्र/छात्रा को निर्धारित परिधान (ड्रेस) में ही महाविद्यालय आना अनिवार्य है।
महाविद्यालय परिसर एवं मुख्य परीक्षा में मोबाइल का प्रयोग वर्जित है। यदि कोई छात्र/छात्रा परिसर में मोबाइल का प्रयोग करते हुए पाया जाता है तो उसे रु० 50/- का अर्थदण्ड देना होगा तथा पुनरावृत्ति पर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।
महाविद्यालय परिसर में पान, गुटखा एवं धूम्रपान आदि का प्रयोग सर्वथा प्रतिबन्धित है। प्रत्येक छात्र/छात्रा से यह अपेक्षा की जाती है कि वे इसका पूर्णतः अनुपालन करेंगे।
विश्वविद्यालय के नियमानुसार प्रत्येक छात्र/छात्रा की प्रत्येक कक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। वांछित उपस्थिति से कम होने पर छात्र/छात्राओं को परीक्षा से वंचित होना पड़ सकता है।
छात्र/छात्राओं की उपस्थिति की न्यूनता सम्बन्धी सूचना समय-समय पर महाविद्यालय सूचना-पट्ट पर लगायी जाती है। अभिभावकों से आशा की जाती है कि वे इस सम्बन्ध में अपने पाल्यों पर पूरा ध्यान रखेंगे।
प्राध्यापक/प्राध्यापिका द्वारा कक्षा-पंजिकाओं में भी उपस्थिति का ब्यौरा रखा जाता है। छात्र/छात्राओं को चाहिए कि वे समय-समय पर अपनी उपस्थिति की जानकारी के लिए प्राध्यापकगण से सम्पर्क करते रहें।


